• मुख्यमंत्री की केन्द्रीय खान मंत्री के साथ वीसी:

    Rajmal Sahu

    Jul-21-2021 10:26:05 AM Jaipur

    मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में खनिज संपदा के विपुल भण्डार मौजूद हैं। इनका वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से समुचित दोहन देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। उन्होंने राजस्थान में खनन क्षेत्र की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए केन्द्र के स्तर पर लंबित मुद्दों के जल्द समाधान को लेकर पुरजोर पैरवी की। 

    गहलोत मंगलवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केन्द्रीय खान मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ राजस्थान में खनन से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर चर्चा कर रहे थे। उन्होंने खनन के लिए पर्यावरण स्वीकृतियों में लगने वाली देरी के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया और कहा कि केन्द्रीय खान मंत्रालय पर्यावरण मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर पर्यावरणीय स्वीकृतियां जल्द दिलाने में सहयोग करे, इससे देश के सभी राज्यों को खनन गतिविधियों को आगे बढ़ाने में आसानी होगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि खनिज ब्लॉक्स की नीलामी के बाद खनन पट्टा जारी करने की कार्यवाही जल्द की जाए। इससे खनिज विकास के साथ-साथ रोजगार के अवसर भी सुलभ हो सकेंगे। उन्होंने कहा कि जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) एवं मिनरल एक्सप्लोरेशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (एमईसीएल) द्वारा अन्वेषण रिपोर्ट प्रस्तुत करने से पहले इस बात का परीक्षण कर लिया जाए कि संबंधित खनिज ब्लॉक व्यावसायिक दृष्टि से खनन के लिए उपयुक्त है या नहीं। 

    गहलोत ने कहा कि देश में खनिज अन्वेषण को गति देने के लिए नेशनल माइनिंग एक्सप्लोरेशन ट्रस्ट (एनएमईटी) का गठन किया गया। राजस्थान ने भी इसमें लगभग 256 करोड़ का अंशदान दिया है। राज्य में लाइम स्टोन, कॉपर एवं आयरन के प्रचुर भण्डार की संभावनाएं होने से इन खनिजाें के अधिक से अधिक अन्वेषण की आवश्यकता है। राज्य ने कॉपर, आयरन एवं पोटाश के 5 प्रोजेक्ट्स के प्रस्ताव भेजे थे, लेकिन एनएमईटी ने इन प्रोजेक्ट्स को अस्वीकार कर दिया। राजस्थान की मात्र 7 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार के अंशदान के अनुरूप प्रदेश में अन्वेषण प्रोजेक्ट्स मंजूर किए जाएं।

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