• इस्लाम में कुर्बानी देने की यहां से हुई शुरुआत:

    Himadri joshi

    Jul-20-2021 03:06:53 PM India

    ईद-उल फितर के बाद मुस्लिम समुदाय में मनाया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा त्यौहार ईद-उल अजहा यानी बकरीद है। मुसलमानों में इस दिन पर बकरे या दूसरे जानवरों की कुर्बानी देने का रिवाज़ है जबकि ईद-उल फि‍तर को मीठी खीर बना कर मनाया जाता है। यह बात तो सभी को पता है कि बकरीद पर कुर्बानी दी जाती है लेकिन बहुत कम लोग है जो इसके पीछे के पूरे इतिहास को जानते है। आज हम आपको उसी इतिहास के बारे में बताने जा रहे है। इस्लाम धर्म में कुर्बानी के सिलसिले की शुरुआत पैंगबर हजरत इब्राहिम के दौर से हुई।

    इस्लाम धर्म की मानें तो कुल 1 लाख 24 हजार पैगंबर हुए जिन्होंने इस्लाम का प्रचार प्रसार किया। इस्लाम के अनुसार आखिरी पैगंबर हजरत मोहम्मद हुए जिनकी परंपराओं और तरीकों को मुसलमान आज भी अपनाते है। हजरत मोहम्मद के वक्त में ही इस्लाम ने पूर्ण रूप धारण किया। लेकिन उनसे पहले भी बड़ी संख्या में पैगंबर आए जिनमें से एक थे पैंगबर हजरत इब्राहिम। पैंगबर हजरत इब्राहिम ने कुर्बानी का सिलसिला शुरु किया जिसके पीछे का कारण यह बताया जाता है कि एक दिन हजरत इब्राहिम को ख्वाब आया कि अपनी सबसे प्यारी चीज को कुर्बान कीजिए।.

    Read More-->



  • z