जयपुर, 8 जनवरी। राज्य में देवनारायण योजनान्तर्गत संचालित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा हेतु मंत्रीमंण्डलीय समिति की बैठक ऊर्जा मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला की अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय स्थित कॉन्फ्रेन्स हॉल में आयोजित की गई। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा तथा युवा मामले एवं खेल राज्यमंत्री श्री अशोक चांदना भी उपस्थित थे।

बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

समिति के अध्यक्ष डॉ. बी.डी. कल्ला ने बताया कि मंत्रीमंडलीय समिति ने निर्देश दिए हैं कि देवनारायण छात्रा स्कूटी वितरण एवं प्रोत्साहन राशि योजना के अन्तर्गत वर्ष 2019-20 की बकाया स्कूटी और वर्ष 2020-21 के लिए प्रक्रिया पूरी कराकर शीघ्र स्कूटी वितरण कराई जाए। इसके साथ ही दोनों वर्षों की बकाया प्रोत्साहन राशि भी छात्राओं को शीघ्र जारी की जाए।

समिति ने देवनारायण योजना के अन्तर्गत निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता न करने पर जोर दिया और निर्माणाधीन भवनों की गुणवत्ता की जांच सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा गठित समिति के माध्यम से कराये जाने के निर्देश दिए। साथ ही बकाया भवनों के निर्माण का कार्य भी त्वरित गति से करने के लिए निर्देश प्रदान किए।

देवनारायण गुरूकुल योजना के तहत संचालित निजी विद्यालयों को कोविड काल की पुनर्भरण राशि के संबंध में निर्देश देते हुए समिति ने स्कूल शिक्षा विभाग से कहा कि इस बारे में राज्य सरकार द्वारा अन्य स्कूलों के लिए जो निर्णय दिया जाता है उसी के अनुरूप कार्य किया जाए।

समिति ने देवनारायण आवासीय विद्यालयों में अशैक्षणिक पदों के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा भर्ती की कार्यवाही करने और तब तक रिक्त अशैक्षणिक और शैक्षणिक पदों पर स्कूल शिक्षा विभाग से प्रतिनियुक्ति के माध्यम से पद शीघ भरने के निर्देश दिए। इसमें महिला आवासीय विद्यालयों में महिला शिक्षकों से ही पद भरने के भी निर्देश दिए गये।

बैठक में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड ने योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।

उन्होंने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने बताया कि देवनारायण उत्तर मैट्रिक छात्रवृृत्ति योजनान्तर्गत वर्ष 2019-20 में 50438 छात्रों को लाभान्वित किया गया है तथा वर्ष 2020-21 में 65 करोड रूपये का प्रावधान रखा गया है, जिसके विरूद्व नवम्बर 2020 तक 56.22 करोड व्यय कर 38159 छात्रों को लाभान्वित किया जा चुका है। इसी प्रकार अनुप्रति योजना में 2019-20 में 50 छात्रों को लाभान्वित किया जाकर 0.14 करोड का व्यय किया गया तथा 2020-21 में 0.20 करोड रूप्ये का प्रावधान रखा गया है, जिसके विरूद्व नवम्बर 2020 तक 1.30 लाख का व्यय किया जा चुका है।

इस दौरान निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव श्री ओ.पी. बुनकर भी उपस्थित थे। बैठक में प्रमुख शासन सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग ने बताया कि देवनारायण पूर्व मैट्रिक छात्रवृृत्ति योजनान्तर्गत वर्ष 2019-20 में 66583 छात्रों को लाभान्वित किया गया है तथा वर्ष 2020-21 में 7 करोड रूपये का प्रावधान रखा गया है। देवनारायण गुरूकुल योजना में 2019-20 में 3283 छात्रों को लाभान्वित किया गया तथा 2020-21 में 16 करोड रूप्ये का प्रावधान रखा गया है।

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